मुक्केबाज़ी
वज़न बदलती श्रेणियाँ, अटकते करियर: भारतीय मुक्केबाज़ी का चार साल का हिसाब
48 किलो का सोना, 81 किलो का सोना, और ओलंपिक में शून्य
पटियाला का पोस्टिंग ऑर्डर: भारतीय मुक्केबाज़ी का असली ट्रांसफ़र विंडो
85.23 मीटर का सबक़: भारतीय मुक्केबाज़ी का ख़ाली नर्सरी और उसकी गूँज
वज़न कटता है, मेडिकल फाइल नहीं: भारतीय मुक्केबाज़ी के खामोश ट्रांसफर बाज़ार की अनदेखी चोटें
पटियाला का पोस्टिंग ऑर्डर: भारतीय मुक्केबाज़ी का असली ट्रांसफ़र विंडोसुबह छह बजकर चालीस मिनट। एनआईएस पटियाला के जिम के बाहर डिजिटल तराज़ू रखा है, ...
85.23 मीटर का सबक़: भारतीय मुक्केबाज़ी का ख़ाली नर्सरी और उसकी गूँजजुलाई 2026 की उस शाम भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में मैंने अपनी मेडल-टेबल...
वज़न कटता है, मेडिकल फाइल नहीं: भारतीय मुक्केबाज़ी के खामोश ट्रांसफर बाज़ार की अनदेखी चोटेंवज़न कटता है, मेडिकल फाइल नहीं: भारतीय मुक्केबाज़ी के खामोश ट्रांसफर बाज़ार क...
पेरिस का शून्य और 63.5 किलो की लकीर: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली गिनतीतीन अगस्त 2026, नॉर्थ पेरिस एरिना, रिंग बी। पुरुषों का 71 किलो क्वार्टरफ़ाइनल...
भारतीय मुक्केबाज़ी का असली सवाल कोटा नहीं, पेरोल हैनॉर्थ पेरिस एरिना में निशांत देव का 71 किलो क्वार्टरफ़ाइनल स्प्लिट फ़ैसले पर...
वज़न बदलती श्रेणियाँ, अटकते करियर: भारतीय मुक्केबाज़ी का चार साल का हिसाब"वेट-इन सुबह आठ बजे।" बाउट शीट की यह एक पंक्ति पूरे टूर्नामेंट का सच पहले ही...
एक बाउट शीट, छह करियर: बॉक्सिंग की वज़न-श्रेणी लॉटरी और भारत का 2028 रास्तापटियाला के राष्ट्रीय शिविर की बाउट शीट पर उसका नाम 60 किलो में दर्ज था। उसी स...
48 किलो का सोना, 81 किलो का सोना, और ओलंपिक में शून्य26 मार्च 2026 की रात, इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली। स्कोरबोर्ड पर च...
लॉस एंजिल्स 2028 का भार-वर्ग सर्कुलर और भारतीय मुक्केबाज़ी का दूसरा अनुबंधअगस्त 2026 की एक सुबह पटियाला के राष्ट्रीय मुक्केबाज़ी शिविर में तराज़ू से...
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